Ratan Tata

आज सर रतन टाटा (Ratan Tata)को कौन नहीं जानता है । वह भारत तथा विश्व के एक प्रसिद्ध बिजनेसमैन है । और बहुत ही हंबल इंसान है । वर्तमान में वह 100 से भी अधिक कंपनियों को तथा 20 से भी अधिक लग्जरी होटल चला रहे हैं । और इनके सभी बिजनेस पूर्ण रूप से सफल है । लेकिन यह स्टोरी उस समय की है । जब सर रतन टाटा अपने शुरुआती दिनों में थे । उन्होंने साल 1961 में बतौर कर्मचारी के रूप में टाटा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री केरु को ज्वाइन किया था । और अपनी कड़ी मेहनत और सूझबूझ से 30 सालों बाद इस कंपनी के अध्यक्ष बने ।

अध्यक्ष बनने के पश्चात उन्होंने इस कंपनी के लिए दिन रात एक करना शुरू कर दिया । और नए-नए आइडिया शामिल करते रहें । लेकिन उन दिनों उनके द्वारा किए जा रहे प्रयास असफल हो रहे थे । जिस कारण कंपनी को बेचने की नौबत आ गई थी । और सभी के सुझावों पर उन्होंने साल 1998 में इस कंपनी को बेचने का निर्णय बना लिया । जिसके लिए वह यूरोपीय कंपनी फोर्ड के पास हैं । उनसे टाटा कंपनी खरीदने के लिए कहा लेकिन बिल फोर्ड ने उन्हें अपमानजनक शब्द कहें । जिसका सर रतन टाटा ने बड़े ही गंभीरता से लिया । और मीटिंग को कैंसिल करके भारत लौट आ गए ।

काफी अध्ययन करने के पश्चात इन्होंने एक टीम का गठन किया । जिससे भारतीय बाजार को समझा जा सके । और डिमांड और सप्लाई के नियम को पूर्ण रूप से समझने के पश्चात सर रतन टाटा ने कार इंडिया को लांच किया । उनके द्वारा बनाई जा रही कार भारत में मजबूती और दृढ़ निश्चय का प्रतीक बनती चली गई । जिस कारण सर रतन टाटा को कुछ ही समय में सफलता मिलना शुरू हो गए । हालांकि इस सफलता तक पहुंचने के लिए उन्हें कठिन परिश्रम का सामना करना पड़ा । लेकिन उन्होंने कभी हार नही मानी ।

इसके पश्चात टाटा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री ने अलग-अलग वह वैहिकल बनाना शुरु कर दिया । और कई फील्ड में उन्होंने नाम कमाया । अब वह विलफोर्ड द्वारा किए गए । अपने अपमान का बदला लेने के लिए तैयार था । उन्होंने बिल से एक मीटिंग की । और इंडिया में व्यापार करने के लिए टाटा इंडस्ट्री से साझेदारी के लिए राजी हो गए । उन्होंने इस साझेदारी का 2.3 अरब डॉलर में संपन्न किया । हालांकि टाटा चाहते तो इस डील को कैंसिल कर सकते थे । और अपने अपमान का बदला ले सकते थे । लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया ।

कोई भी बदला यदि अपनी सफलता के बल पर लिया जाए तो उस बदले की गूंज काफी दूर तक सुनाई देती है । रतन टाटा (Ratan Tata) भारतीय लोगों के लिए एक मिसाल है । उनकी पूरी लाइफ ऐसी कई छोटी-छोटी कहानियो से भारी पड़ी हैं । एक छोटी सी स्टोरी टाटा ग्रुप की सफलता की कहानी को बयां करती है । कि किस प्रकार इस कंपनी ने सफलता को हासिल किया । ऐसी ही और कहीं स्टोरियां सर रतन टाटा की सफलता में शामिल है । जिन्हें हम बारी बारी उजागर करते रहेंगे ।

ये भी पढे ….. यह स्टोरी भारत के एक साधारण परिवार की हैं, जिस के इकलौते बेटे की जान अज्ञानता की वजह से चली गई ।

One thought on “सर रतन टाटा की सफलता की स्टोरी किसी भी मोटिवेशन से कम नहीं है । यह उनकी सफलता का एक छोटा सा भाग है ।”

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