7 kg floating stone found in the Ganges river

यह घटना पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के गंगा नदी घाट के पास घटित हुई । जहां एक स्थानीय निवासी “मनोज सिंह (manoj singh)” ने अचानक गंगा के घाट पर कुछ तैरते हुए देखा । जिसे उठा कर वह तट के किनारे लाया । तब उसे अपनी आंखों पर भरोसा नहीं होगा । क्योंकि यह एक पत्थर था । जो कि लगभग 7 किलो का था । और यह गंगा के ऊपर तैर रहा था ।

इस चर्चा के फैलते ही स्थानीय लोगों ने वहां पर जमावड़ा लगा लिया । और यह घटनाओं तेजी से फैलने लगी । लोग अलग-अलग विचार देने लगे । कुछ ने इसे “रामसेतु” का एक टुकड़ा बताया । तो कुछ ने भगवान की लीला के गुण गाने शुरू कर दिया । कुछ लोग वहां पर पूजा पाठ करना सही समझा ।

पश्चिम बंगाल के विज्ञान के एक वरिष्ठ अधिकारी “चंदन वेदनाथ (chandan devnath)” ने बताया कि यदि पत्थर का घनत्व पानी के घनत्व से कम है । तो पत्थर तैरने लगता है । ऐसा कई स्थिति में उत्पन्न हो सकता है । यदि वह पत्थर किसी ज्वालामुखी की राख से बना हो । जिसका घनत्व पानी के घनत्व से कम होगा, तो वह करेगा ।

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आगे उन्होंने बताया, ऐसा लोग भ्रम तथा आस्था को फैलाने के लिए भी कर सकते हैं । वह थर्माकोल को कई प्रकार का पेंट लगाकर उन्हें पत्थर की संरचना दे देते हैं । और जिसे गंगा नदी में बहा दिया जाता है । क्योंकि इस पत्थर की जांच नहीं की गई । और इसे स्थानीय लोगों द्वारा गंगा में विसर्जित कर दिया गया ।

floating stone

जिस कारण वैज्ञानिक इस पर कोई भी तर्क या पुष्टि देने में असमर्थ हैं । क्योंकि स्थानीय लोगों ने इसे आस्था से जोड़ कर किसी भी वैज्ञानिक को इस पत्थर को नहीं सौंपा । बल्कि, उसकी पाठ पूजा करने के पश्चात गंगा नदी में ही विसर्जित कर दिया गया । जिससे अंदाजा लगा पाना वैज्ञानिकों के लिए मुश्किल हो रहा है । कि आखिर वह तैरता पत्थर किस चीज से बना है ।

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One thought on “गंगा नदी में मिला 7 किलो का तैरता हुआ पत्थर । वैज्ञानिक भी इस घटना से हैरान है ।”

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